विशेष बच्चों की स्क्रीनिंग से पहले शिक्षकों को संवेदनशील बनाने पर जोर
लखनऊ। समावेशी शिक्षा नीति को प्रभावी बनाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने विशेष बच्चों की स्क्रीनिंग से पहले शिक्षकों को संवेदनशील बनाने पर जोर दिया है। विभाग का उद्देश्य है कि विद्यालय स्तर पर शिक्षक बच्चों की जरूरतों को संवेदनशीलता के साथ पहचान सकें और उनकी शैक्षिक आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
विभाग की ओर से प्रशस्त 2.0 एप-पोर्टल पर उपलब्ध सेंसिटाइजेशन वीडियो के माध्यम से शिक्षकों को स्क्रीनिंग प्रक्रिया और इसकी आवश्यकता की जानकारी दी जा रही है। इससे विद्यालय स्तर पर बच्चों की जरूरतों की पहचान संवेदनशीलता के साथ करने में मदद मिलेगी।
शिक्षकों को वीडियो देखने के निर्देश
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों और बीएसए को शिक्षकों को सेंसिटाइजेशन वीडियो देखने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि संबंधित शिक्षक निर्धारित प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन हों।
प्रशस्त 2.0 पर उपलब्ध हैं वीडियो
प्रशस्त 2.0 के तहत शिक्षकों के लिए करीब 40 मिनट के 10 सेंसिटाइजेशन वीडियो उपलब्ध हैं। इन वीडियो के माध्यम से शिक्षकों को विशेष बच्चों की स्क्रीनिंग प्रक्रिया और उनकी शैक्षिक आवश्यकताओं को समझने में सहायता मिलेगी।
विभाग का जोर है कि स्क्रीनिंग से पहले शिक्षक बच्चों की आवश्यकताओं को समझें और संवेदनशील दृष्टिकोण के साथ उनकी पहचान एवं शैक्षिक सहयोग की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं।

